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नौ नवरात्रे दशम दशहरा

नौ नवरात्रे दशम दशहरा 

मेरी माँ प्यारी माँ
चरण शरण में बढ़ी हूँ माँ
नवरात्रे शक्ति निराली
सभी इच्छा पूरी कर डाली दसवे दिन अब आया दशहरा
रावण ,कुंभकरण ,मेघनाथ जलाया
जलाने वाले ये तो सोचो
ये दिन रावण ने क्यों पाया
सत्य की मार्ग छोड़ कर उसने पाप कर्म को है अपनाया
सबको इतना करना है
सत्य मार्ग पर चलना है
गुरु वसिष्ठ गुरु से संदीपनी
भारत भूमि पवन है
गुरुओं ने हमें ज्ञान दिया है शहीदों ने आज़ादी
शक्ति ,भगति से बढ़े हम आगे
एक ऐसा जहां बनाना है
कोई संकट न रहे धरा दे
राम आज बन जाना है राम राज्य ही लाना है -राम राज्य ही लाना है
सुनीता कुमारी 
शिक्षिका पूर्वी दिल्ली नगर निगम स्कूल